गुप्ता जी के घर शर्मा जी आये। गुप्ता जी अपने बच्चों की पहचान कराने लगे।

ये मेरी बेटी रानी।शादी से पहले हम मुंबई में 'रानी बाग़' में घूमा करते थे, उसकी याद में इसका नाम रानी रखा।

शर्मा जी: वाह, प्यारी बिटिया है।

गुप्ता जी: ये मेरा बेटा ताज। शादी के 5 साल बाद दूसरे हनीमून पे हम आगरा गए थे, उसकी याद में।

शर्मा जी: बहुत खूब, बहुत सोच कर नाम रखा है आपने।

गुप्ता जी: और ये मेरा छोटा बेटा कोहिनूर।

शर्मा जी: क्या बात है! मतलब आप लंदन में कोहिनूर हीरा देख आये?

गुप्ता जी: अरे नहीं! हम तो कंडोम इस्तेमाल कर रहे थे लेकिन इस ब्राण्ड ने धोखा दे दिया।

           

पप्पू ने संता से पूछा, "पापा, संभावना और वास्तविक्ता में क्या फर्क है?"

संता ने थोड़ी देर सोचकर कहा, "जा अपनी माँ से जाकर पूछ कि वो 1 करोड़ रुपयों के लिए सलमान खान के साथ सोएगी?"

पप्पू ने माँ से पूछा, माँ ने कहा, "ज़रुर, वो 1 करोड़ हमारे बहुत काम आ सकते हैं।"

फिर संता ने कहा, जा अपनी बहन से जाकर पूछ कि वो 1 करोड़ रुपयों के लिए ऋतिक रोशन के साथ सोएगी?

बहन ने कहा, "ओह माई गॉड, ऋतिक रोशन मेरा फेवरेट है, ज़रूर।"

फिर संता ने पप्पू से पूछा, "क्या तू 1 करोड़ रुपयों के लिए जॉन अब्राहम के साथ सोयेगा?"

पप्पू: हाँ, क्योंकि 1 करोड़ बहुत ज्यादा होते हैं।

यह सुनकर संता बोला, "देखा बेटा, अगर संभावना देखें तो हमारे घर में 3 करोड़ रूपये हैं, लेकिन अगर वास्तविकता देखें तो अपने घर में 2 गश्तियां और 1 गांडू है।"

           

फाडू अनमोल वचन!
1. गांड मराये बेगम दंड भरे गुलाम - मतलब किसी के गुनाह की सजा किसी दूसरे को देना यानि चोरो का दंड फकीरों को।

2. झांट उखाड़ने से मुर्दे हलके नहीं होते - यानि किसी भारी काम को बहुत थोड़ा प्रयास करने से कुछ नहीं होता जैसे ओस चाटने से प्यास नहीं बुझती।

3. तेली का तेल जले मशालची की गांड जले - यानि किसी दूसरे के फटे में टांग अडाना या दखल अंदाजी करना।

4. हाथी के लंड से बाँधना - मतलब किसी लम्बे काम में लगाना या बे-फ़ालतू का व्यस्त कर देना।

5. सफ़ेद झांट होना - यानि बिना कीमत का या मूल्यहीन होना।

6. साथ भी सोये और गांड भी छुपाये - मतलब बिना कुछ खोये कुछ पाने की आशा करना।

7. शेर का लंड पकड़ना - यानि किसी ऐसे काम में उलझना जिससे छुटकारा पाना भी मुश्किल और करना भी मुश्किल।

8. चुदाई के उतने ना मिले जितने के कपडे फट गए - इसका अर्थ किसी ऐसे काम से है जिसमे बहुत मेहनत हो और प्रतिफल बहुत कम।

9. पेल्हड़ कितना भी बढे, रहेगा लौडे के नीचे ही - नीच कितना भी बढे, उच्च विचार वाले के तले ही रहेगा।

10. लंड साला टट्टों पर ही झुकेगा - मतलब किसी की प्रकृति पर ही आना जैसे पानी नीचे ही गिरेगा या नीच आदमी नीचता ही करेगा।

11. देवर को नहीं देगी खूंटे से फडवा लेगी - मतलब किसी का भला नहीं सोचने वाला जो किसी वस्तु को व्यर्थ बर्बाद कर देगा पर किसी दूसरे को नहीं देगा।

12. नाम बसंती शक्ल चुतिया - इस का अर्थ समझाने के लिए एक दूसरी लोक उक्ति है, झांट मान झौंपड़ी, तारागढ़ नाम, आशा है समझ गए होंगे।

13. पकड़ने का पता नहीं और मुठ का ठेका - यह वाक्य उस वक्त के लिए है जब कोई बिना अनुभव वाला किसी अनुभव की आवश्यकता वाले की जगह को ले लेता है।

14. जिसकी चुदाई में फटे वो बच्चे क्या ख़ाक पैदा करे - मतलब लगभग ऊपर वाली कहावत जैसा ही है बस सूक्ष्म अंतर है।

15. गांड में दम नहीं हम किसी से कम नहीं - यह उक्ति ऐसे समय के लिए है जब कोई व्यर्थ की ताल ठोके।

16. और काम कल के, गीत गांड के बल के - मतलब गीत गाने को छोड़कर बाकी सारे काम कला अर्थात दिमाग से होते है लेकिन गीत गाने के लिए गांड में दम जरूरी है।

17. गाड़ में टट्टी नहीं, सूअर को न्योता - अपनी हैसियत से बहुत ज्यादा बढ़-चढ़ कर कोई कार्य करना।

           

एक छोटा बच्चा गाँव में एक लड़की की चूत मार कर घर आया तो उसने अपनी माँ को सब कुछ सच सच बता दिया।

उस की माँ ने बच्चे से कहा, "बेटा आगे से ऐसा कभी मत करना।"

बच्चा: क्यों माँ ऐसा क्यों ना करूँ।

माँ: बेटा इस लिए की जहाँ तुम ने अपनी लुल्ली डाली थी, वहां बहुत बड़े बड़े दाँत होते है अगर अब तुम ने ऐसा किया तो तुमहारी लुल्ली कट जाएगी।

बच्चा: हाँ माँ, समझ गया।

कुछ समय बाद जब बच्चा बड़ा हुआ और उसकी शादी हो गयी तो सुहागरात के दिन भी उसने अपनी पत्नी की चूत नहीं मारी। ऐसे ही कई दिन बीत गए और जब उस की पत्नी अपने मायके गई तो उसने अपनी माँ को सारी बातें बताई। तो माँ ने कहा कि जब दामाद जी घर आएंगे तो मैं उनसे बात करूँगी।

फिर कुछ दिनों बाद जब दामाद जी आए तो सासु माँ ने बातचीत की पर दामाद जी तो बात समझने को तैयार नहीं थे।एक ही बात पकड़ कर बैठे थे कि चूत में दाँत होते है। तो सासु माँ को गुस्सा आया और अपनी साड़ी उठायी और कहा, "खुद ही अंदर लंड डाल कर देख ले।" तो दामाद जी ने अपना लंड सास की चूत में डाल दिया। काम पूरा होने के बाद जब लंड बाहर निकाला तो सासु जी ने कहा, "क्यों दामाद जी था कुछ अंदर।"

दामाद जी बोले, "सासु जी आप का तो बुड़ापा आ गया है इसलिए सारे दाँत गिर गए हैं।"


           

एक औरत ने एक तोता 3000/- रुपये में ख़रीदा।

दुकानदार ने बताया कि यह तोता पहले एक ऐसी औरत के पास था जो रैड लाईट इलाक़े में रहती थी। यह मत ख़रीदो बहन जी। लेकिन वह औरत नहीं मानी, क्योंकि उसे वही ख़ूबसूरत तोता पसंद था। वह उसको घर लेकर आ गई।

तोता: वाह वाह नया घर।

उस औरत को अच्छा लगा लेकिन जब उसकी 2 बेटियाँ स्कूल से आई तब,
तोता: वाह वाह नई नई लड़कियाँ।

अब उस औरत को थोड़ी टेन्शन हुई।

मगर जब शाम को उसका पति घर आया तब,
तोता: क्या रे तू इधर भी?